तुर्की ने दी अमेरिका को पहली बार सफाई, रूस से S-400 खरीदने पर एर्दोगन .. अमेरिका से बोले- आपने हमें ….

तुर्की के राष्ट्रप’ति रेसे’प तैय’ब एर्दो’गान ने हाल ही में हुए ना’टो के ब्र’सेल्स स’मिट के दौरान अमेरि’का के राष्ट्रप’ति जो बाइ’डेन से अपनी मुला’कात भी की है। इस बैठक के दौरान उन्होंने रू’स से खरी’दे गए एस 400 मि”सा’इल प्रणा’ली को लेकर तुर्की की मज’बूरियां को बा’इडेन के सामने भी रखा है।

उन्होंने बाइ’डेन स तु’र्की के ऊपर लगे प्र’तिब’न्धों को ख’त्म करने की गुहा’र भी लगाई है। इतना ही नही तु’र्की के रा’ष्ट्रपति में बातों ही बातों में बाइ’डेन को एफ 35 प्रोग्रा’म में शा’मिल होने की भी अ’पील की है।बता दे कि अ जर’बेजान की राज’धानी बाकू पहुँचे एर्दो’गा’न ने कहा है कि उन्होंने बाइ’डेन को इस बात के बारे में स्प’ष्ठ ही कह दिया ‘

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है कि एस 400 को लेकर अंका’रा की स्थिति अप’रिवर्त’नीय भी है।तुर्की के राष्ट्रप’ति ने अप’ना दुख’द रोते हुए कहा है कि हमने आपको’ प्रे’तोय’त वा’यु र’क्षा प्रणा’ली केलिए कहा था। लेकिन हम’ने यह नही दिया है।तुर्की और रूस ने साल 2017 के अंत मे S-400 मोबा’इल वा’यु और मिसा’इल रक्षा बैटरी की 4 यूनिट की

डि’लीव’री के लिए 2.5 बिलिय’न डॉल’र का सौ’दा भी किया था।उन्होंने आगे यह भी बताया है कि अ’फ’गानि’स्ता’न से अमे’रि’का और ना’टो सेना’ओं की वाप’सी के बाद से ही तु’र्की’इसकी और भी ज्यादा जि’म्मेदारी उठाने के लिए तैयार ह।

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उन्होंने आगे कहा तु’र्की देश अमे’रिका के साथ रक्षा उद्योग सह’योग के विषय पर अधि’क विस्ता’र से चर्चा करने की यो’जना भी बना रहा है। उन्होके दा’वा किया है कि इसमी र’क्षा ‘म’न्त्रलय , वि’देश मंत्रा’लय और र’क्षा’ उद्यो’ग के प्रमु’ख भी शा”मिल होंगे।

स्विस बैंक में जमा भारतीयों पैसों का टूट गया रिकार्ड, सरकार का था कालाधन वापस लाने का वादा:– कोरो’ना काल मे भले ही भर’तीय अर्थ’व्यवस्था को झ’ट’का लगा हो लेकिन इस दौरान भी कई भार’तीय र’ईसों और कम्पनियों ने स्विस बैंक में अपनी जमापूंजी को बढ़ाया है। उन्होंने इस मु’श्किल वक्त में भी जमकर पैसा कमाया है। इसी बीच बीते दिनों ही स्वि’जरलैंड के केंद्री’य बैं’क की

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और से जारी किए गए सा’लाना डेटा से इस बात का पता चला है कि साल 2020 में स्वि’जरलैंड्स के बैंकों में भरतीय और भर’तीय कम्पनि’यों का जमा पैसा बढ़कर करीब 2.55 अरब स्विस फ्रेंक यानी 20,700 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। यह आंकड़ा पिछले 13 सालो में सबसे ज्यादा भी रहा है।

डेटा के मुताबिक, 2019 के आखिर के यह आंकड़ा भारतीयों की रकम लगभग 89.9 करोड़ फ्रैंक्स थी। वही साल 2020 में बढ़कर 20,706 करोड़ रूपए भी हो गई है। इस रकम में 4 हजार से ज्यादा कस्टमर डिपॉजिट, 3100 करोड़ रुपए से ज्यादा दूसरे

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बैंकों के जरिये,16.5 करोड़ रुपए के ट्रस्ट के जरिये लगभग 13500 करोड़ रुपए के ब्रांड, सिक्योरिटी और अन्य वित्तीय विकल्प से सम्वन्धित चीजे भी शामिल है

बता दे कि साल 2014 में सरकार बनने से पहले एनडीए के नेता लगातार विदेश में रखे गएध’न को का’ला बताते हुए इसे वा’पस लाने की भी बात कर चुके है।

हालांकि स्विस बैंक में भार’ती’यों की रक’म बढम उ’ल्टा संकेत भी देता है। एसएनबी में कहा है कि ग्रा’हक खा’ता जमा के रुप में वर्गी’कृत कोष वास्तव में ही 2019 की तुल’ना में भी कम हुआ है।

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