तुर्की और रूस ने मिलकर किया उत्तरी सीरिया के इन बड़े इलाकों पर कब्ज़ा,तुर्की सदर एर्दोगन ने कहा – हम अब ..

बीते दिनों तु’र्की और रूस के बीच उत्तरी सी’रिया के आ’क्र’मण को लेकर मीटिंग हुए थी थी । उस मीटिंग में दोनों देशों ने साथ मिलकर इस ऑ’परेशन को अंजाम देने के लिए रणनीति पर चर्चा की थी । इस दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब ए’र्दो’गन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि वह रूस के साथ मिलकर सी’रि’या पर कु’र्दो से मुकाबला करेगा । इस दौरान दोनों देशों के बीच कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए थे ।

अब कु’र्दो के क’ब्जे वाले इलाके उ’त्तरी सी’रिया से बड़ी खबर आ रही है । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तु’र्की और रूस ने मिलकर उत्तरी सी’रिया के कुछ इलाकों को अपने नियं’त्रण में ले लिया है । बता दे , शुरुआती दौर में उत्तरी सी’रिया पर तु’र्की के ह’म’ला शुरू होने के बाद कू’र्द सी’मा’वर्ती इ’लाकों से पीछे नही हटे थे । तु’र्की ने पहले 120 घंटो का समय दिया , इस के बाद अमेरिका कु’र्दो और तु’र्को के बीच मध्यस्थता के रूप में सामने आया था ।

इसी दौरान अमेरिका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने तु’र्की स’दर को ध’म’की देते हुए कहा था कि वह उत्तरी सी’रि’या पर ह’म’ला रो’क दी लेकिन तुर्की सदर ए’र्दोगन ने कहा था कि वह किसी भी कीमत ओर पीछे नही हटने वाले है और जिस देश को जो करना है वो कर ले । तु’र्की और अमेरिका के बीच चली जु’बानी जंग के बाद तुर्की के कई देशों ने वि’रोध किया तो कुछ देशों जैसे कतर, रूस जैसे देश तुर्की के साथ खड़े दिखाई दिए ।

रूस ने तुर्की के साथ देते हुए अपनी सेना , टैंक और कई आधुनिक तकनीक वाले वि’पन उत्तरी सी’रि’या में उतार दिए । तुर्की और रूस के साथ आने से कु’र्दो के ते’वर ढी’ले पड़ते हुए दिखाई दिए । तु’र्की ने सी’रि’या की उत्तरी सीमा के भीतर 110 किलोमीटर के इलाकों को अपनी कार्यवाही के लिए मांगा है। इसमें एक हिस्सा पश्चिम और दूसरा हिस्सा पूरब की तरफ है। गश्त के लिए तय हुए इलाको के लिए कामीशाली को छोड़ दिया गया है।

तुर्की के र’क्षा मंत्रालय ने ट्वीट पर बताया है कि तु’र्की और रूस के से’निको, ब’ख्त’रबंद गाड़ियों और ड्रो’न के साथ अल दरबारसियाह इलाको में गश्त शुरू कर दी गई है। रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि वह 110 किलोमीटर के रास्ते पर गश्त लगाएगा। पिछले महीने तु’र्की ने उत्तर पूर्वी सी’रि’या में ह’म’ला कर सी’रि’या’ई कु’र्दो को पीछे ध’के’लना शुरू कर दिया था। तु’र्की इन कु’र्दो को आ’तंक’वादी’ मानता है। इनका सम्बन्ध तु’र्की में चल रहे अ’ल’गाव’वादी आं’दोलन से जोड़ता है।

अमेरिका और रूस के साथ हुए दो समझौते के बाद तु’र्की ने अपने ह’म’ले रो’कने का एलान किया। इन समझौते के तहत सी’रि’या’ई कु’र्दो को सीमा से 30 किलोमीटर के इ’लाके से बाहर निकलने को कहा गया है ताकि तु’र्की वहां अपना अभियान चला सके। आपको बता दे कि यह यु’द्ध थ”म गया है लेकिन दोनों पक्ष बीच बीच मे ह”म”ला करने के आ”रो”प लगा रहे है। तुकी के राष्ट्पति ने फिर से ह”म’ला करने की चे””ता”वनी भी दी थी।

तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा है कि वो शर’णार्थियों के लिए एक सु’र’क्षि’त इलाका बनाना चाहते है। इसका खर्च 26 अरब डॉलर आएगा। तु’र्की के कहना है कि वो सीरिया के 36 लाख यु’द्ध श’र’णा’र्थि’यों में से 20 लाख को बसाना चाहता हूँ। एर्दोगान ने इसकी योजना सितम्बर में संयुक्त राष्ट्र आमसभा में पेश की थी। एर्दोगान का कहना है कि आम सभा में नेताओ ने उनको सकारात्मक रूप से देखा। लेकिन इसके लिए धन देने से इ’न’कार कर दिया।

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