एर्दोगन करेंगे भारत की मदद, मिस्र के बाद तुर्की से आएगा इतने टन प्याज़

साल 2019 , महीना दिसम्बर । आम तौर पर यह महीना सर्दियों के लिए याद किया जाता है लेकिन इस बार ये महीना प्यास की आसमान छूती कीमतों के लिए याद किया जाएगा । बता दे, देश मे प्यास के भाव डॉलर को पछाड़ते हुए आगे बढ़ रहे है । देश मे प्यास को लेकर सड़क से लेकर संसद तक बात हो रही है ।देश में दिनों दिन मंहगाई बढ़ती जा रही है। महंगाई आसमान छू रही है। यह एक कहावत है जो साबित हो चुकी है।

खाने से लेकर हर चीजो के दाम बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। हमारे देश के लिए दूसरे देश के लोग प्रतिक्रिया कर रहे है। तुर्की ने भारत देश को 11 हजार टन प्याज आयात किया है। भारत मे प्याज का भाव 80 रुपये किलो से भी अधिक है। ऐसे तो भारत अनाज, उसके अलावा अन्य चीजें निर्यात करता है। लेकिन प्याज आयात करना पड़ा। तुर्की के राष्ट्रपति ने बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए मदद की।

एर्दोगान ने 11 हजार प्याज का आयत किया है। सरकारी सूत्रों ने रविवार को कहा है कि MMTC ने इसके लिए दूसरे आयात आदेश पर हस्ताक्षर किए है। तुर्की को भारत ने शुक्रिया कहा है। इस साल प्याज के उत्पादन में करीब 40 फीसदी तक कि गिरावट दर्ज की जाएगी। इस साल बारिश कई जगहों पर अक्टूबर ओर नवंबर तक हुई है। इससे खरीफ की खड़ी फसल को बर्बाद किया है।

जिसका असर बाजार में दिख रहा है। महाराष्ट्र में लासलगांव में इस साल सबसे कम प्याज आया है। देश की सरकार को याद रखना होगा कि पूर्व में इंदिरा गांधी से लेकर शीला दीक्षित तक ऐसे तमाम मुद्दे आए है। जब प्याज ने राजा से रंक बनाया है। उन्हें गर्त के अंधेरों में धकेला है।बाजार में फरवरी तक ही राहत आएगी। जब प्याज दोबारा बाजार में आएगा।आपको बता दे, 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भी प्यास ने देश की जनता को खूब रुलाया था ।

यह मुद्दा उस समय की विपक्ष यानी बीजेपी ने भी बढ़चढ़कर इसको भुनाया था । बता दे, बीते महीने भी प्यास के दाम बढोत्तरी देखने को मिली थी और विपक्ष ने खुद हल्ला किया था । अभी प्यास की गूंज संसद में दिखाई दे रही है । बता दे, दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने प्यास को लेकर भी राहत दी है । केजरीवाल की सरकारी गाड़ियों में कीमत आम दाम से 5 गुना तक कम बताए जा रहे है ।

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