मु’स्लिम देश में बन रहा पहला हि’न्दू मं’दिर, बिना स्टील लोहा का होगा तैयार, जानिए कैसे होगा निर्माण

भारत में मं’दिर आपने हर शहर में देखे होंगे । मन्दि’र के नाम पर आपने देश मे अ’शांति भी देखी गई। देश में अक्षर’धाम मं’दिर हो या फिर अयो’ध्या में बन रहा राम मंदिर हो । अयो’ध्या का बाबरी मस्जिद का फैसला बीते साल ही आया, उसके बाद से रा’म मं’दिर बनने का रास्ता साफ हुआ । बता दे, अ’योध्या में बा’बरी मस्जि’द को 1993 में शहीद किया, उसके बाद से ही माम’ला कोर्ट में लंबित है ।

सुप्री’म कोर्ट ने 2019 में फैस’ला मं’दिर के हक़ में सुनाया और 5 एकड़ जमीन को मु’स्लिम पक्ष को देने को कहा जिस पर वो म’स्जिद बना सके । भारत में मं’दिर बनना एक आम बात है लेकिन विदेश खासकर मिडिल ईस्ट में मं’दिर बनने की खबर ने सबका धयान खींचा है । बता दे, मिडिल ईस्ट में हि’न्दू भी जॉब करते है और आ’स्था’ के अनु’प म’न्दिर का निर्माण किया गया है ।

खबर यूईए से है ,यहां पर पहला म’न्दिर बनाया जाएगा।यूईए की राजधानी अबुधाबी में पहले हि’न्दू मन्दि’र निर्मा”ण में लोहे या उससे बनी कोई भी सामग्री का उपयोग नही होता था। लेकिन इस मं’दिर का निर्माण भारत की पारम्प’रिक मन्दिर वास्तु’कला के तहत किया जाएगा। मन्दि’र स’मिति के अधिका’रियों ने इसकी जनकारी दी है।

इसको बनने के लिए कं’क्रीट और लोहे का इस्तेमाल किया गया है। म’न्दिर समि’ति के प्रवक्ता अशोक कोटेजा ने गल्फ न्यूज से बातचीत में कहा है कि , नीं’व को मजबूती देने के लिए फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया गया है। यूईए में भार’तीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते है।

बता दे कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2018 में दुबई के ओपेरा हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बोचा’स नवासी अक्षर पुरू’षोत्तम सं’स्था मन्दि’र की आधा’रशिला रखी थी।यह मंदिर लोगो के लिए आकर्ष’ण का केंद्र बना हुआ है।इस मंदिर का निर्माण भार’तीय शिल्प’कार कर रहे है। बताया गया है कि इस मंदिर का निर्माण 2020 में पूरा हो जाएगा।

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