इस मुस्लिम देश के हाथ लगा सबसे बड़ा तेल का खज़ाना, अमेरिका को ऐसे चिढ़ाया

एक आम बात है ,आप मु’सी’बत में है उससे निकलने का भरपूर प्रयास कर रहे है लेकिन नही निकल पा रहे है । लेकिन फिर जब आप लगातार कुछ दूसरा रास्ता निकाल लेते है और उसके बाद अगर लॉटरी जैसा कुछ निकले तो, wah wah। आप है’रान हुए बिना नही राह सकते है । ऐसी की ऑ’रिजनल कहानी एक मु’स्लिम देश की जिसे हम ईरान के नाम से जानते है। यह मु’स्लिम देश पिछले कई सालों से सु’परपा’वर अमेरिका के नखरे के अलावा कई देशों से प्र’ति’बं’ध भी झेल रहा है ।

एक समय तो ईरान की आ’र्थिक स्थिति बहुत दय’नीय हो चुकी थी । ईरान की पूरी इ’कॉनमी को कॉ’लेप्स करने केलिए अमेरिका ने बहुत हाथ पैर पछाडे लेकिन ना’काम ही साबित हुए । बता दे, ईरान के पास दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भं’डार है। प्रा’कृ’तिक गैस का दूसरा सबसे बड़ा भंडार भी इसी देश के पास ही है। अब जो खबर ई’रान से आ रही है वो खबर ने काफी देखों की नीं’द उड़ा दी है , उसमें अमे’रिका भी शामिल है ।

ई’रान ने क’च्चे ते’ल का एक बे’शकीमती भंडार ढूंढ निकाला है। ईरान के राष्ट्पति हसन रूहानी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनके देश मे करीब 50 अरब बैरल के कच्चे” ते’ल के भं’डार की खोज की है। इस नए तेल की खोज के बाद ई’रान के प्र’मा’णिक तेल भंडारों में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी । हालांकि अमेरिका प्र’ति’ब’न्धों के बीच ईरान के लिए तेल की बिक्री करना मु’श्कि’ल हो गया है।

पिछले साल ही अमेरिका ने ईरान के साथ न्यु’कि’लियर डील को र’द्द करके उस पर तमाम प्र’ति”ब”न्ध थोप दिए थे। जिसके बाद से ईरान के सामने तेल बेचने की चुनौती पैदा हो गई है। यह ऑयल फील्ड ईरान के दक्षिणी कुजेस्तान प्रान्त में स्थित है। जो ऑयल इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम है। रूहानी ने कहा,ईरान के 150 अरब बैरल के प्र’मा’णि’क तेल भंडार में 53 अरब बैरल का इ’जाफा हो जाएगा।

अहवाज में 65 अरब बैरल तेल भंडार के बाद यह नया तेल क्षेत्र ईरान का दूसरा सबसे बड़ा ऑ’यल फील्ड बन सकता है। यह नया फील्ड 2400 वर्गकीमि में फैला है और करीब 80 मीटर गहरा है। 2015 की न्युक’लि”यर डील से अमेरिका के अलग होने के बाद से इस समझौते में शामिल अन्य देश जर्मनी, फ्रांस, रूस और चीन इसे ‘ब’चा’ने की कोशिश कर रहे है। लेकिन हर कोशिश बे’का’र रही।

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ईरान से तेल खरीदने वाली कोई भी कम्पनी या स’रकार को अमेरिकी प्र’ति’बन्धों’ का ड’र’ है। जिसकी वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था बु’री तरह प्र’भा’वित हुई है और ईरान की मु’द्रा रियाल में तेजी से गि’रावट आई है। ईरान अपना पर’मा’णु कार्यक्रम बढ़ाने की तरफ आगे बढ़ रहा है। ईरान ने एक अं’डरग्राउंड फैसे’लिटी में यूरे’नियम भं’डार इकठ्ठा कर’ना भी शुरू कर दिया है।

पिछले कुछ महीनों से खाड़ी में तेल टैंकरों और सऊदी के ते”ल सं’यं’त्रों पर ह’म’ले हुए है। जिनके लिए अमेरिका ई’रान को जिम्मे’दार ठहराता है। दूसरी तरफ,तेहरान इन आ’रो’पों को खा’रि’ज करता रहा है लेकिन उसने एक ब्रि’टिश टैं’कर पर कब्जे’ और अमे’रिकी सेना के सर्वि’लां’स ड्रो’न को मा’र गिराने की बात स्वीकार की थी।

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