मुस्लिम देशों के संगठन OIC की मुसलमानों से अपील, कहा- रमजान में जकात और सदकात शरणार्थियो को दे क्योकि ….

रम’ज़ा’न के महीने में न’मा’ज, तरा’बी’ह पड़’ने के साथ साथ ज’का’त और सद’का देना भी फर्ज है। जिस तरह से नमा’ज फ’र्ज है ठीक उसी तरह यह भी गरी’बो के लिए है। र’मजा’न के महीने में 1 रुपए देने का सवाब 10 रुपए देने के बराबर मिलता है।

हाल ही में सँ’युक्त राष्ट्र श’र’णार्थी एजें’सी और अंतरा’स्ट्रीय इस्ला’मिक सहयोग संग़ठ’न की सहायक संस्था इंटर’नेशनल इ’स्ला’मिक फि’क अ’केडमी IIFA ने बीते दिनों ही जका’त और सदका देने की अपी’ल की है। जिसमे कहा गया है कि यह शरणा’र्थी और कम”जोर लोगो के समर्थ’न करने के लिए भी है। इसका उद्दे’श्य रिफ्यू’जी ज’कात फं’ड दा’न का उप’योग ला’खो लो’गो की तत्का’ल ज’रूर’तों को मद’द करने के लिए भी है।

zakat and sadaqah in quran

को’रो’ना से प्र’भा’वि’त हुए लोगो को वि’शेष रुप से उनको सहा’यता की भी आवश्य’कता है। उनको भोजन, स्वच्छ पा’नी, आ’वास और क’पड़ो की भी आवश्यकता है।इ’स्ला’मिक परो’पका’र पर UNHCR के वरि’ष्ठ सला’हकार GCC के प्रतिनिधि ने कहा है कि शर’णार्थि’यों को आ’र्थि’क रूप से विस्था’पित लोगो के लिए महामारी ने

केवल उन’को सं’क’ट में पहुँचा’या है बल्कि एक तरहसे उल’झन में ला’कर ख’ड़ा कर दिया ह। उन्होंने आगे कहा है कि उनको ज’कात और सद’का दिया जाना भी चाहिए। जिससे उनकी प’रेश’नी दूर हो सकती है।ज’कात और सद’का गरी’बो और दाता’ओं के हाथों में भरो”सेमंद लोगो का अधि’कर है। यह उनकी जीवनरेखा भी है।

जिसके लिए उनके एजे’न्ट के रुप में देने में बा’ध्य है।UNHCR ने बताया है कि 2.7 बिलियन डॉलर उन दे’शों के लिए जहाँ पर वो ज’का’त बा’टते है। जिसमे pakisatn, थाई’लैंड, जॉर्डन, ईरान, नाइजीरिया, भारत , मिस्र बां’ग्लादेश आदि देश है।

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