जी न्यूज़ के इस मु’स्लिम पत्रकार ने दिया इ’स्तीफ़ा, CAA प्रो’टेस्ट में हुए शामिल, कहा – जनता के सम्मान की र’क्षा के ….

ना’गरिकता का’नून को लेकर देशभर में वि’रोध प्र’दर्शन देखने को मिल रहा है। इस का’नून को लेकर कई ने’ताओं और यूनि’वर्सिटी के छात्र और छात्राओं लगातार अपने अपने तरीके से वि’रोध प्रद’र्शन लगातार जारी रखे हुए है । दिल्ली में जा’मिया मि’लिया यू’निवर्सि’टी और अ’लीगढ़ के एएमयू के छात्रों ने लगातार सीएए के वि’रो’ध प्र’द’र्शन कर रहे है। बता दे, CAA के वि’रो’ध में कई राज्यों में जगह हिं’स’क रूप देखने को मिला था, जिसमें कई लोगों के मौ’त भी हुई थी ।

वही दूसरी ओर शाहीन बाग में महिलाएं सड़को पर उतरकर वि’रोध कर रही हैं। यह महिलाएँ रात व दिन प्र’द’र्शन स्थल पर बैठकर ना’ग’रि’क’ता का’नू’न के खि’ला’फ वि’रो’ध प्र’द’र्श’न दि’खा रही है। ना’ग’रि’क’ता कानू’न के वि’रो’ध में कई टीवी सेलेब्रेटी सहित कई सामा’जिक का’र्य’कर्ता सामने आए थे । इस कड़ी में बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे कि Zee News के एडिटर इन चीफ ने अपने डेली प्राइम शो डेली न्यूज़ एनालिसिस के जरिये देश की जनता को सम्बोधित किया था।

उन्होंने सम्बोधन के बाद जी मीडिया के वीडियो कंटेंट के पूर्व प्रमुख नासिर आजमी का एक बड़ा आ’रोप सामने आया है। उन्होंने चीफ एडिटर सुधीर चौधरी पर समाज में न’फ’र’त फै’ला’ने का आ’रो’प लगाया हैं। चीफ एडियर ने दर्शको ने सम्बोधन में कहा कि लो’क’तां’त्रिक रूप से वि’रो’ध करना सबका अधिकार है। वि’रोध को हिं’सक ना बनने दे।

रिपोर्ट से मुखातिब होने के बाद नासिर ने कहा है कि चौधरी एक तरफा रिपोर्टिंग पर ज्यादा फो’कस दे रहे है। Zee Group के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र को लिखे एक पत्र के माध्यम से नासिर ने अपने पद से इस्ती’फा देते हुए संग़ठ’न के रुख और उनके सा’म्प्र’दा’यिक निर्ण’यों के बीच मौजूद त’ना’वों के बीच इशारा गया हैं।

नासिर ने कहा है कि ज़ी मीडिया अपने पत्र’का’रिता पहुँच का दुरूपयोग कर रहे है,यह हर तरह से अपनी जिम्मेदारी निभाने में ना’का’म रह रहा है। उन्होंने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि इसलिए मैंने जनता के सम्मान की र’क्षा को महत्व देते हुए और पत्रकारिता को ब’चा’ने के लिए नैतिक आधार पर अपने प’द से इ’स्तीफा दे रहा हूं।

नासिर ने हाल ही में एक वीडियो पेश किया है जिसमें दिखाया गया है कि AMU के छात्रों ने ‘हिं’दुओ से आ’जादी’ के नारे लगाए थे। उनका कहना है कि असल मे छात्रों ने हिं’दुओ से नही बल्कि ‘हिं’दुत्व से आ’जादी ‘के ना’रे लगाए थे। नासिर ने बताया है कि 4 दिसंबर को उनके पास एक पत्र भेजा गया जिसमें लिखा गया है कि आपका प्रदर्शन ‘औसत से कम ‘है। इस का’रण से उन्हें एक महीने की नोटिस पर रखा गया है।

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